राजपुर स्थित कैफ़े मेरीगोल्ड के दस साल पूरे होने का जश्न धूमधाम से मनाया गया।

तब सिटी से दूर महिलाओं ने शुरू किया था ये कांसेप्ट कैफ़े के दस साल पूरे होने पर किया म्यूज़िकल प्रोग्राम कोरोना काल में भी डटी रही ये महिला

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देहरादून। सिटी से दूर ओल्ड मसूरी रोड पर महिलाओं की ओर से शुरू किया गया ये कैफ़े अब बेहद फेमस हो गया है। इस मौके पर जहां इस सफर के लिए कैफ़े की ओनर अल्का लखेड़ा कुकरेती को सबने बधाई दी तो वही सिंगर सार्थक उनियाल ने भी अपने गानों से समां बांध दिया। राजपुर में शहनशाही आश्रम के नजदीक स्थित कैफ़े मेरीगोल्ड के दस साल पूरे होने पर यहां की ओनर अल्का लखेड़ा कुकरेती भी बेहद भावुक दिखी। उन्होंने बताया कि ये सफर उन्होंने अकेले तय नही किया बल्कि उनके स्टाफ ने पल-पल में उनका साथ दिया। कोरोना काल में दिक्कत जरूर हुई लेकिन स्टाफ की सैलरी नहीं काटी। बताया कि सिटी से बाहर की लोकेशन और आउटडोर सिटिंग होने की वजह से लोगों को ये कॉन्सेप्ट बेहद पसंद आता है।कई लोगों की यहाँ मुलाकात हुई और शादी भी हो गयी। जब उनकी ओर से कैफ़े शुरू किया गया था तब देहरादून में कैफ़े कॉन्सेट नाम मात्र का था। वहीं इस मौके पर सिंगर सार्थक उनियाल ने हिंदी, अंग्रेजी और गढ़वाली गानों से सबका मनोरंजन किया। ओनर अलका लखेड़ा कुकरेती ने बताया कि हम हाउस वाइफ ने बिना अनुभव कैफ़े खोला और तब यहाँ सिटी के दूसरे कोने में भी आने में डर लगता था। लेकिन हमने पूरी ईमानदारी बरतते हुए इस कैफ़े को आगे बढ़ाया। बताया कि यहां जो भी डिश बनाई वो फ्रेश बनाई। यही वजह रही कि धीरे-धीरे यहाँ की कई डिशेस पॉपुलर होती गई।इनमें सोसी मोमो, पास्ता,चिकन स्टेक, इंडियन प्लाटर बेहद पसंद किया जाता है। साथ ही लोगों की डिमांड पर यहां पहाड़ी फ़ूड भी बनाया जाता है।

मुख्य संपादक मनीष सकलानी

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