रीडिंग अभियान को लेकर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए दिए दिशा-निर्देश

बच्चों में पठन कौशल विकसित करने के साथ ही कोविड-19 के कारण हुए अधिगम ह्यस कम किये जाने हेतु विशेष प्रयास के रूप में विद्यालयों में भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन का संचालन एक जनवरी, 2022 से किया जा रहा है।

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देहरादून।बच्चों में पठन कौशल विकसित करने के साथ ही कोविड-19 के कारण हुए अधिगम ह्यस कम किये जाने हेतु विशेष प्रयास के रूप में विद्यालयों में भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन का संचालन एक जनवरी, 2022 से किया जा रहा है।इस 100 दिवसीय कार्यक्रम को तीन स्तरों (बाल-वाटिका से कक्षा-2 कक्षा-3 से कक्षा-5 एवं कक्षा-6 से 8) के लिए तैयार किया गया है। शिक्षकों तथा अन्य हितधारकों के द्वारा लक्षित समूह के बच्चों को 14 सप्ताह अभ्यास करवाते हुए उन्हें अनिवार्यतः दक्ष बनाये जाने के लिए आवश्यक प्रयास किये जाने हैं। इसी क्रम में राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, बंशीधर तिवारी के निर्देशन में अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ० मुकुल कुमार सती द्वारा राज्य स्तर रीडिंग से कैम्पेन कार्यक्रम के सम्बन्ध में प्रधानाध्यापको/ शिक्षकों एवं जनपदीय शिक्षा अधिकारियों का ऑनलाइन अभिमुखीकरण शुक्रवार को किया गया। इस मौके पर प्रथम चरण में डॉ० सती द्वारा अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए साप्ताहिक गतिविधियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में मदन मोहन जोशी, सहायक निर्देशक, एससीईआरटी द्वारा रीडिंग कैम्पेन की विस्तृत रूपरेखा एवं साप्ताहिक संचालन पक्ष पर प्रकाश डाला गया। जनपदीय अधिकारियों एवं शिक्षकों से अपेक्षा की गयी कि प्रस्तावित गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ अभिलेखीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया जाए तथा प्रत्येक दिवस से सम्बन्धित अभिलेख उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराये जाए। इस कार्यक्रम में गढ़वाल एवं कुमाऊँ मण्डल से कुल 1000 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। अभिमुखीकरण कार्यक्रम में राज्य स्तर पर स्टाफ ऑफिसर बीपी मैन्दोली, शिखा उनियाल डॉ० अर्चना गुप्ता एवं द्वारिका प्रसाद पुरोहित द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

रिपोर्टर सबनम अंसारी

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